रविवार, 18 अगस्त 2019

आकर्षण और प्यार में अंतर – Difference Between Love And Attraction In Hindi

आकर्षण और प्यार में अंतर – Difference Between Love And Attraction


Difference between like and love in Hindi language यदि आप रिलेशनशिप में हैं तो प्रेम और आकर्षण के बीच अंतर समझना सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है जानें प्यार और अट्रैक्शन में अंतर के बारे में। माना जाता है कि समय के साथ प्यार की परिभाषा भी बदल गयी है। पहले के समय में जिस तरीके से प्यार किया जाता था, आज उसका आधा हिस्सा भी शेष नहीं बचा है। सोशल नेटवर्किंग साइट्स और संपर्क के बढ़ते अन्य साधनों से व्यक्ति में धैर्य की कमी हो गयी है और आज के समय में उसे कोई अच्छा लगता है तो वह महज कुछ ही दिनों में अपनी सारी सीमाएं तोड़कर आगे बढ़ जाना चाहता है। शायद यही कारण है कि आजकल के प्यार में पहले जैसी बात नहीं रह गयी है।

आज के समय में प्यार की शुरूआत (love making)  करने से पहले ही यह मालूम चल जाता है कि प्यार कितने दिनों तक चलने वाला है। अगर ऐसे प्यार को प्यार की बजाय अट्रैक्शन बोला जाये तो यह ज्यादा उचित होगा। इसलिए आपको पहले समझना पड़ेगा कि आपको किसी व्यक्ति से प्यार है या फिर आकर्षण।

1 यदि आप प्यार और आकर्षण के बीच अंतर (Difference Between Love And Attraction In Hindi) को नहीं समझ पा रहे हैं तो इस आर्टिकल में हम आपको आकर्षण और प्यार में अंतर बताने जा रहे हैं।

2 आकर्षण किसी से भी हो सकता है, प्यार नहीं – attraction kisi se bhi ho sakta hai,pyar nhi in hindi

3 प्रेम और आकर्षण के बीच अंतर आकर्षण में व्यक्ति कंट्रोल नहीं कर पाता, प्यार इंतजार का नाम है – aakarshan mein control nhi hota, pyar intezar hai in hindi

4 आकर्षण में बेवजह तारीफें की जाती हैं, प्यार में नहीं attraction mein tarif hoti hai,pyar mein nhi in hindi

5 प्रेम और आकर्षण के बीच अंतर आकर्षण में उपहार का महत्व है, प्यार एक भावना है atrraction mein gift important hai,pyar feeling hai in hindi

6 आकर्षण एक समय बाद खत्म हो जाता है और प्यार बढ़ता है aakarshan khatm ho jata hai,pyar nhi in hindi

7 प्यार में जलन की भावना होती है, आकर्षण में नहीं – pyar mein jalan bhi hoti hai,aakarshan mein nhi in hindi

8 आकर्षण में व्यक्ति अपनी खुशी देखता है और प्यार में पार्टनर की – attraction mein apni khushi important hoti hai,pyar mein partner ki in hindi

9 प्रेम और आकर्षण के बीच अंतर आकर्षण पाने और प्यार त्याग का नाम है – aakarshan pane ka naam hai,pyar tyagne ka in hindi

10 आकर्षण किसी से भी हो सकता है, प्यार नहीं – attraction kisi se bhi ho sakta hai,pyar nhi in hindi



प्यार और आकर्षण के बीच यह मुख्य अंतर होता है जब हम किसी व्यक्ति की तरफ आकर्षित होते हैं तो वह व्यक्ति हमारे लिए तभी तक महत्वपूर्ण होता है जबतक कि उसके जैसा कोई दूसरा व्यक्ति हमारे जीवन में नहीं आ जाता है। कई बार किसी व्यक्ति से मेलजोल (closeness) बढ़ाना महज एक सोशल स्टेटस भी होता है। लेकिन एक निश्चित समय के बाद उस व्यक्ति में से भी आपकी रूचि घटने लगती है। वास्तव में आकर्षण में यह प्रक्रिया (continuous process) ऐसे ही चलती रहती है और आपके जीवन में हमेशा कोई न कोई नया व्यक्ति आता रहता है। लेकिन जब आप किसी के प्यार में होते हैं तो आप उसे पाना (vanquish) चाहते हैं, जबरदस्ती नहीं बल्कि खुशी से।

उसे पाने में सिर्फ आपकी ही खुशी नहीं होती है, बल्कि आप दोनों की खुशी होती है। आप दोनों एक दूसरे के जीवन का हिस्सा (part of life) होते हैं, और उसके अलावा किसी और के बारे में सोचते भी नहीं हैं, यही प्यार है।

(और पढ़े – प्यार और दोस्ती में क्या फर्क होता है…)

आकर्षण में व्यक्ति कंट्रोल नहीं कर पाता, प्यार इंतजार का नाम है – aakarshan mein control nhi hota, pyar intezar hai in hindi



माना जाता है कि जब कोई व्यक्ति किसी की ओर आकर्षित होता है तो वह धैर्य  (patience) नहीं रख पाता है और सबकुछ बहुत जल्दी पा लेना चाहता है। इससे आकर्षण और प्यार में अंतर पहचाना जा सकता है यही कारण है कि महज आकर्षण के आधार पर बने रिश्ते आजकल लंबे समय तक टिक नहीं पाते हैं। आकर्षण आमतौर पर व्यक्ति की पोशाक, पर्सनालिटी, पैसा और रुतबा देखकर होता है। जिंदगी में अच्छी तरह से सेटल (settle) व्यक्ति की ओर अधिकतर लोग आकर्षित होते हैं। जबकि प्यार पनपने और आगे बढ़ने में एक लंबा समय लगता है। इसमें व्यक्ति एक दूसरे की हैसियत (richness) को नहीं देखता या फिर कोई भी ऐसी चीज नहीं देखता है जो प्यार के बीच में आती हो।

(और पढ़े – परफेक्ट रिलेशनशिप के 8 सीक्रेट…)

आकर्षण में बेवजह तारीफें की जाती हैं, प्यार में नहीं – attraction mein tarif hoti hai,pyar mein nhi in hindi



प्यार और अट्रैक्शन में अंतर जानने का यह खास तरीका माना जाता है अगर कोई व्यक्ति बेवजह आपकी तारीफों के पुल बांधता है, हमेशा आपकी आंखों, आपकी मुस्कुराहट, आपके उठने बैठने के तौर तरीकों और आपके चाल ढाल और व्यक्तित्व की तारीफ करता है तो यह प्यार नहीं बल्कि आकर्षण है। वास्तव में आकर्षण होने पर व्यक्ति बड़े बड़े बोल  (hyperbole) बोलकर रिझाने की कोशिश करता है। जबकि प्यार होने पर व्यक्ति हर सुख दुख में आपके साथ खड़ा रहेगा और कभी भी आपका हाथ नहीं छोड़ेगा। वह कभी आपकी तारीफ में कसीदे नहीं पढ़ेगा बल्कि वह आप को कठिन से कठिन परिस्थितयों में खुद को संभालने और जीने की हिम्मत देगा।

(और पढ़े – लड़की के साथ दोस्ती कैसे करें…)

आकर्षण में उपहार का महत्व है, प्यार एक भावना है – attraction mein gift important hai,pyar feeling hai in hindi



जब हम किसी की तरफ आकर्षित होते हैं तो उसे महंगे उपहार (expensive gift) और गिफ्ट देकर खुश करने की कोशिश करते हैं और बदले में अपने लिए भी यही चाहते हैं। जो की आकर्षण और प्यार में अंतर दिखाता है अगर वह व्यक्ति आपको कुछ नहीं देता तो आप उससे असंतुष्ट (unsatisfied) रहने लगता हैं और कई लोगों से उसकी शिकायत करते हुए उसे स्वार्थी घोषित कर देते हैं। हालांकि, जब आप किसी से सच्चा प्यार करते हैं, तो आप बदले में कुछ भी नहीं चाहते और उस व्यक्ति का प्यार ही आपके लिए सबकुछ होता है। आप हमेशा अपने साथी को खुश करने पर ध्यान देते हैं ना कि इस बात पर कि उसने आपको क्या दिया और आपने उसे क्या दिया।

(और पढ़े – रिलेशनशिप कि वह बातें जो आपको अपने दोस्तों से भी नहीं बोलना चाहिए…)

आकर्षण एक समय बाद खत्म हो जाता है और प्यार बढ़ता है – aakarshan khatm ho jata hai,pyar nhi in hindi



प्यार और अट्रैक्शन में यह मुख्य अंतर माना जाता है। कहा जाता है कि आकर्षण की कोई वास्तविक अवधि (real time) नहीं होती है। आकर्षण प्रेम से बहुत अलग होता है और आज एक व्यक्ति से तो कल दूसरे व्यक्ति के प्रति आकर्षण हो सकता है। आप किसी की कलाई में सुंदर घड़ी (attractive wrist watch) देखकर, किसी के परफ्यूम से, किसी के आंखों के काजल से आकर्षित हो सकता है। यह आकर्षण महज कुछ ही समय तक रहता है और फिर खत्म हो जाता है। लेकिन प्यार कभी मरता नहीं है और ना ही किसी निश्चित अवधि में गायब होता है। समय के साथ प्यार परवान (extreme) चढ़ता है जबकि आकर्षण खत्म होता जाता है।

(और पढ़े – मर्दों की इन खूबियों पर मर मिटती हैं महिलाएं…)

प्यार में जलन की भावना होती है, आकर्षण में नहीं – pyar mein jalan bhi hoti hai,aakarshan mein nhi in hindi



प्यार कई चीजों में बहुत अद्भुत (amazing) है और यह आपको एक बेहतर इंसान बना सकता है। लेकिन एक और सच्चाई यह है कि प्रेम की निकटतम भावना घृणा भी है। कहने का अर्थ यह है कि अगर आप किसी से बेहद प्यार करते हैं लेकिन बीच में ही किसी गलतफहमी (misunderstanding) की वजह से आप दोनों का ब्रेकअप हो जाए तो इसके बाद अगर आपका पार्टनर किसी दूसरे (other partner) लड़के या लड़की के साथ घूमता है तो यह देखकर आपकी नफरत होगी और आप अंदर ही अंदर जलेंगे। लेकिन आकर्षण में ऐसा कुछ भी नहीं होता है। अगर किसी व्यक्ति के प्रति आपका अट्रैक्शन खत्म हो जाए तो फिर दोनों अपनी जिंदगी में व्यस्त हो जाते हैं और फिर वहां जलन या घृणा जैसी कोई चीज नहीं होती है।

(और पढ़े – आखिर क्यों मिलता है प्यार में धोखा, प्यार में धोखा खाने के बाद क्या करे…)

आकर्षण में व्यक्ति अपनी खुशी देखता है और प्यार में पार्टनर की – attraction mein apni khushi important hoti hai,pyar mein partner ki in hindi



खुशी देखना आकर्षण और प्रेम का अंतर है जब आप किसी से सच्चा प्यार (true love) करते हैं तो आपके जीवन में उसकी पहली प्राथमिकता होती है और आपको अपनी जरूरतें पूरी कहने से कहीं ज्यादा जरूरी अपने पार्टनर की जरूरतें पूरी करने की आवश्यकता होती है। प्यार में व्यक्ति कभी स्वार्थी नहीं होता और वह अपने पार्टनर की खुशी के लिए सबकुछ करता है। जबकि आकर्षण होने पर व्यक्ति आपका साथ तभी देगा जब उसके पास समय होगा। वह आपके लिए जो कुछ भी करेगा, अपने मन के अनुसार ना की आपकी परिस्थिति और जरूरत के अनुसार।

(और पढ़े – पार्टनर गर्लफ्रेंड या पत्नी के साथ आपका स्वभाव बताएगा आपका रिलेशनशिप स्टेटस्…)

आकर्षण पाने और प्यार त्याग का नाम है – aakarshan pane ka naam hai, pyar tyagne ka in hindi



प्यार के विपरीत आकर्षण या अट्रैक्शन बहुत खतरनाक (dangerous) होता है। जब आप किसी की ओर आकर्षित होते हैं तो आपके जीवन का सिर्फ एक ही मकसद यानि उस व्यक्ति को किसी तरह से हासिल करना होता है। कॉलेज जाने वाले लड़के आकर्षण के कारण ही कई बार लड़कियों को हानि पहुंचाने की कोशिश करते हैं और लड़की के मना करने पर डराते धमकाते (torcher) हैं। लेकिन जब आप प्यार में होते हैं तो किसी के साथ जबरदस्ती करने के बारे में नहीं सोचते हैं। यहां प्यार का मतलब पाने से बढ़कर बहुत कुछ होता है। आप जिससे प्यार करते हैं उसपर कभी दबाव (pressure) नहीं बनाते है और उसे खोकर भी आप पा ही लेते हैं।

शनिवार, 17 अगस्त 2019

Self Introduction (परिचय) Apna Self Introduction Kaise Prepare Kare



  हैलों दोस्तों! All love story 786 में आपका स्वागत है| आज हम आपको बताएंगे Self Introduction Kaise Prepare Kare और इसी के साथ ये भी बताएंगे की Apna Introduction English and Hindi Me Kaise De

  #नमस्ते! (Namaste) - Hello!
क्या मै आपका शुभ नाम जान सकता हूँ। (Kya mai aapka shubh naam jaan sakta hu) - May i know your name please.
मै दिल्ली से मोहम्मद फईम  हूँ। (Mai delhi se Mohd Faeem hu) - I am Mohd Faeem  from Delhi.
तुम वहाँ कहाँ रहते हो? (Tum waha kahan rahte ho) - Where do you live there?
आप कैसे हैं? (Aap kaise hai) - How are you?
मै ठीक हूँ। (Mai theek hu) - I am fine.
क्या आप नौकरी करते हैं (Kya aap naukri karte hai) - Are you working?.
हाँ , मै नौकरी करता हूँ। (Han, mai naukri karta hu) - Yes, I am working.
आपके पिताजी का नाम क्या हैं? (Aapke pitaji ka nam kya hai) - What is your father name?
मेरे पिताजी का नाम श्री सईद अहमद है। (Mere pitaji ka naam shri saeed ahead hai) - My father name is mr. saeed ahead.
आपकी नौकरी किस कंपनी मे है? (Aapki naukri kis company me hai) - For which company do you work?
मै एक A L S 786 कंपनी मे काम करता हूँ। (Mai ek MNC company me kaam karta hu) - I work in a A S L 786 company.
आपके परिवार मे कितने सदस्य हैं? (Aapke parivaar me kitne sadsya hai) - How many members are there in your family?
मेरे परिवार मे 5 सदस्य हैं मे, माँ, पापा, भाई , बहन। (Mere parivaar me 5 sadsya hai Mein, Maa, Papa, Bhai, Behan) - There are 5 members in my family that is me, mom, dad, brother and sister.
आपकी पढ़ाई-लिखाई कहाँ से हुई हैं? (Aapki padayi-likhayi kahan se hui hai) - Where did you complete your studies?
मेरी पढ़ाई-लिखाई दिल्ली से हुई है। (Meri padayi- likhyi delhi se hui hai) - I did my schooling in Delhi.
आपसे मिलकर अच्छा लगा। (Aapse milkar acha lga) - Nice to meet you.
धन्यवाद (Dhanyavadh) - Thank you.

गुरुवार, 15 अगस्त 2019

रक्षा बंधन क्या है? रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है ll Raksha Bandhan Ki Hindi Jankari 2020

सभी भाई-बहनों को रक्षा बंधन की हार्दिक शुभ कामनायें। रक्षा बंधन भारत में मनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध हिंदू त्यौहार है। रक्षा बंधन का मतलब रक्षा का धागा माना जाता है। यह श्रवण महीने के पूर्णिमा दिवस पर मनाया जाता है। रक्षाबंधन त्यौहार भाई बहनों के बीच प्यार और शांति को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है। यहाँ मैं 😍 Raksha Bandhan Kya Hai Aur Kyu Manaya Jata Hai in Hindi 😍 
कि जानकारी शेयर कर रहा हूँ जिससे आप रक्षा बंधन के त्यौहार के बारे में और अधिक जान पाओगे।
रक्षा बंधन जिसे राखी भी कहा जाता है। यह त्यौहार भाई बहन के रिश्ते और बंधन को मजबूत बनाता है। इस पोस्ट में हम इस बारे में विस्तार से जानेंगे।इसे उत्तरी भारत में कजरी पूर्णिमा या कजरी नवमी भी कहा जाता है। रक्षा बंधन एक विशेष मुहूर्त या शुभ समय पर मनाया जाता है अन्यथा इसे अशुभ माना जाता है। भारत में इसे सभी धर्म के लोग धूमधाम से मनाते है।
रक्षा बंधन हिंदू धर्म के मुख्य त्योहारों में से एक है। यह उत्सव देश के अलग-अलग हिस्सों में उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह भाई बहन के बंधन को मजबूत करने के लिए जाना जाता है। इसे सभी उम्र के भाई बहन मनाते है। हैप्पी रक्षा बंधन 2019, 

😍 Raksha Bandhan Kyu Manate Hai? Hindi Jankari 😍 

यदि आप जानना चाहते है की रक्षा बंधन कब मनाया जाता है, क्यों मनाया जाता है, Raksha bandhan कैसे मनाया जाता है और राखी का त्यौहार क्यों मनाया जाता है तो आप सही जगह पर है। इस पोस्ट में मैं रक्षा बंधन पर पूरी जानकारी के साथ निबंध लिख रहा हूँ जिससे आप इस भाई बहन के त्यौहार के बारे में पूरी तरह जान सकते है।
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रक्षा बंधन क्या है? 😍 Raksha Bandhan Kya Hai? 😍 

यह एक विशेष हिंदू त्यौहार है जिसे भारत और नेपाल जैसे देशों में भाई और बहन के बीच प्यार का प्रतीक बनाने के लिए मनाया जाता है। रक्षा बंधन का अवसर श्रवण के हिंदू चंद्र कैलेंडर महीने के आखरी दिन मनाया जाता है जो आमतौर पर अगस्त में पड़ता है।
रक्षा बंधन का त्यौहार भाई और बहन के बीच कर्तव्य का प्रतीक माना जाता है। यह अवसर पुरुषों और महिलाओं के बीच किसी भी तरह के भाई-बहन के संबंधों का जश्न मनाने के लिए जाना जाता हैं।
रक्षा बंधन एक ऐसा त्यौहार है जिसे मुख्य रूप से भारत के उत्तरी और पश्चिमी हिस्से के लोगों द्वारा मनाया जाता है। अन्य हिस्सों के लोग भी इस त्योहार को उसी आस्तिकता से मनाते है। हालांकि रक्षा बंधन मनाने का तरीका हर क्षेत्र में अलग-अलग हो सकता है।
इस दिन बहिन अपने भाई के हाथ में राखी बांधती है और भाई उसे ख़ुशी से उपहार देता हैं, दोनों एक दुसरे कि लम्बी उम्र कि दुआ करते है और भाई बहन कि रक्षा करने कि कसम खाता है।

राखी क्या है? 😍 Rakhi Kya Hai? 😍 

राखी एक पवित्र धागा है। भारतीय परंपरा में राखी के धागे को लोह से मजबूत माना जाता है क्योंकि यह आपस में प्यार और विश्वास की परिधि में भाइयों और बहनों को दृढ़ता से बांधता है।
परंपराओं के अनुसार, बहन दिया, रोली, चावल और राखी के साथ पूजा थाली तैयार करती है। वे देवी की पूजा करती है उसकी पूजा अपने भाई की कलाई पर राखी से संबंध रखती है।
दूसरी तरफ भाई अपने प्यार को वादे के तौर पर व्यक्त करते है की वे हमेशा अपनी बहन के पक्ष में रहेंगे और हर स्तिथि में उसकी रक्षा करेंगे।
प्राचीन काल से इस त्योहार को उसी तरीके से और परंपरा से मनाया जाता आ रहा है। चूँकि जैसे जैसे लोगों की जीवनशैली बदल रही है वैसे ही इस पवित्र त्यौहार को मानाने की परंपरा बदलती जा रही है। इसलिए आज, इस उत्सव को व्यापक रूप से मनाया जा रहा है।
माता-पिता के लिए रक्षा बंधन का त्यौहार परिवारिक पुनर्मिलन के जैसा है क्योंकि उन्हें खुशी हो

ती है जब वे अपनी संतान के बीच प्यार और उनको एकजुट देखते है।
इस दिन स्वादिष्ट भोजन, मिठाई आदि पकाया जाता है और परिवार के लोग अन्य शुभचिंतकों और रिश्तेदारों में उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं और एक दुसरे के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभवों को बांटते हैं।
अब आपको पता चल गया होगा की Raksha Bandhan क्या है और राखी क्या है और तो चलिए अब जानते है रक्षा बंधन कैसे मनाते है, 2019 में रक्षा बंधन किस तारीख को मनाया जायेगा और 😍 Raksha Bandhan Kyu Manate Hai?  😍 

2019 में रक्षा बंधन कब है

इस साल 2019 में भाई और बहन के बंधन को मजबूत करने का यह त्यौहार रक्षा बंधन 15 अगस्त 2019 को मनाया जाएगा।

रक्षा बंधन क्यों मनाया जाता है? 😍 Raksha Bandhan Kyu Manaya Jata Hai 😍 

रक्षाबंधन क्यों मनाते है? रक्षा बंधन भाई और बहन के बीच प्यार जगाने के लिए मनाया जाता है। रक्षा बंधन का त्यौहार सदियों से चला आ रहा है। इस विशेष त्यौहार की शुरूआती कैसे हुई और raksha bandhan मनाने के पीछे कई कहानियां है। आईये जानते है। 

😍 रक्षा बंधन की कहानी - रानी कर्णावती और सम्राट हुमायूँ😍 

रानी कर्णावती और सम्राट हुमायूँ की यह कहानी उस समय की है जब मध्यकालीन युग में राजपूत और मुस्लिमों के बीच संघर्ष चल रहा था। रानी कर्णावती चित्तोड़ के राजा की विधवा पत्नी थी ऐसे में वो अकेली अपने राज्य की रक्षा कैसे कर सकती थी।
कहा जाता है, इस दौरान उसने खुद को और अपनी प्रजा को सुल्तान बहादुर शाह (जोकि गुजरात का शासक था) से बचाने के लिए सम्राट हुमायूँ से मदद मांगी और उन्हें एक राखी भेजी।
उस राखी को पाकर हुमायूँ ने रानी कर्णावती को बहन का दर्जा दिया और उसके राज्य को सुल्तान बहादुर शाह से सुरक्षा दी।
तब से या इससे भी पहले की कई और कहानियां है जिनसे राखी, रक्षा बंधन के त्यौहार की शुरूआत हुई। इसके अलावा और भी कई कहानियां है जिनसे रक्षा बंधन की शुरूआत हुई।
लेकिन ये कहानी रक्षा बंधन से सबसे ज्यादा जुडी हुयी है और अधिकतर लोग इसी को रक्षाबंधन मनाने का कारण मानते है। 

रक्षा बंधन कैसे मनाया जाता है?😍  Raksha Bandhan Kaise Manaya Jata Hai? 😍 

रक्षा बंधन के दिन बहन अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती है और हाथ की कलाई पर राखी बांधती है। अपना प्यार व्यक्त करती है। वह अपने भाई की रक्षा के लिए ईश्वर से प्रार्थना करती है।
अगर आपको रक्षा बंधन पर भाई बहन कि शायरी, राखी शायरी, रक्षा बंधन शायरी चाहिए तो हमारी ये पोस्ट पढ़े,
बदले में भाई अपनी बहन को मिठाई या एक अच्छा उपहार देता है और उसे शुभकामनायें देता है। साथ ही बहन कि हमेशा मदद और रक्षा करने का वादा करता हैं।
अगर आपको इस पोस्ट में रक्षा बंधन कि जानकारी अच्छी लगे तो इसे सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।Mohd.rafeek905@gmail.com
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बुधवार, 14 अगस्त 2019

15 August 2019 Independence Day : स्वतंत्रता दिवस 15 August 2019

भारत का स्वतंत्रता दिवस (अंग्रेज़ीIndependence Day of Indiaहिंदी:इंडिपेंडेंस डे ऑफ़ इंडिया) हर वर्ष 15 अगस्त को मनाया जाता है। सन् 1947 में इसी दिन भारत के निवासियों ने ब्रिटिश शासन से स्‍वतंत्रता प्राप्त की थी। यह भारत का राष्ट्रीय त्यौहार है। प्रतिवर्ष इस दिन भारत के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को सम्बोधित करते हैं। 15 अगस्त 1947 के दिन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने, दिल्ली में लाल किले के लाहौरी गेटके ऊपर, भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।[1]महात्मा गाँधी के नेतृत्व में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में लोगों ने काफी हद तक अहिंसक प्रतिरोध और सविनय अवज्ञा आंदोलनों में हिस्सा लिया। स्वतंत्रता के बाद ब्रिटिश भारत को धार्मिक आधार पर विभाजित किया गया, जिसमें भारत और पाकिस्तान का उदय हुआ। विभाजन के बाद दोनों देशों में हिंसक दंगे भड़क गए और सांप्रदायिक हिंसा की अनेक घटनाएं हुईं। विभाजन के कारण मनुष्य जाति के इतिहास में इतनी ज्यादा संख्या में लोगों का विस्थापन कभी नहीं हुआ। यह संख्या तकरीबन 1.45 करोड़ थी। भारत की जनगणना 1951 के अनुसार विभाजन के एकदम बाद 72,26,000 मुसलमान भारत छोड़कर पाकिस्तान गये और 72,49,000 हिन्दू और सिख पाकिस्तान छोड़कर भारत आए। [2

Dussehra 2020-: रावण कैसे बना दशानन? जानें उसके 10 सिरों के क्या हैं मायने

Dussehra 2019  Story of Dashanan :  दशहरा का त्योहार हम असत्य पर सत्य, बुराई पर अच्छाई के प्रतीक के रूप में मनाते हैं। इस दिन देशभर में र...