शिक्षक दिवस (Teacher's Day) भारत में हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिन स्टूडेंट्स अपने-अपने तरीके से शिक्षकों (Teacher's ) के प्रति प्यार और सम्मान प्रकट करते हैं। स्टूडेंट्स शिक्षकों को गिफ्ट्स देते हैं. स्कूलों में शिक्षकों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जहां भारत में 5 सितंबर को टीचर्स डे मनाया जाता है वहीं, अंतर्राष्ट्रीय टीचर्स डे (Teacher's Day) का आयोजन 5 अक्टूबर को होता है।
इन देशों में इस दिन मनेगा शिक्षक दिवस
कई देशों में अलग-अलग दिन भी शिक्षक दिवस मनाया जाता है। शिक्षक दिवस के दिन कुछ देशों में छुट्टी का दिन रहता है तो कुछ देशों में कोई अवकाश नहीं रहता है।
-चीन में 10 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
-अमेरिका में मई के पहले पूर्ण सप्ताह के मंगलवार को शिक्षक दिवस सेलीब्रेट किया जाता है।
-थाइलैंड में हर साल 16 जनवरी को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जाता है.
क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस?
प्रथम उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती 5 सितंबर को होती है। उन्हीं की याद में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। एक बार उनके कुछ विद्यार्थी और दोस्तों ने उनसे कहा कि, वह उनके जन्मदिन को सेलिब्रेट करना चाहते हैं। तब उन्होंने कहा था, "मेरा जन्मदिन अलग से मनाने के बजाए अगर मेरा जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो मुझे गर्व महसूस होगा।" सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद और महान दार्शनिक थे। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को 27 बार नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किया गया था। 1954 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
कैसे मनाया जाता है शिक्षक दिवस?
शिक्षक दिवस पूरे देश में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन स्कूलों में स्टूडेंट्स शिक्षकों के लिए कई तरह के रंगा-रंग कार्यक्रमों को आयोजित करते हैं। कोई अपने शिक्षक को फूल देता है तो कोई पेन। स्टूडेंट्स अपने शिक्षक को तरह-तरह के गिफ्ट्स देते हैं। इस दिन शिक्षकों को मान-सम्मान देकर उनके काम की सराहना की जाती है। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षक दिवस के दिन शिक्षकों को उनके कार्य के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से नवाजा जाता है। यह पुरस्कार हर साल देश के राष्ट्रपति द्वारा दिया जाता है.
शिक्षक का हमारे जीवन में बहुत महत्व होता है। सफलता की पहली सीढ़ी गुरु ही होता है जिसके माध्यम से हम जीवन में आगे बढ़ते हैं। प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। बचपन से ही हमने देखा है कि इस दिन सभी छात्र-छात्राएं शिक्षकों के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है। अगर नहीं, तो आज जानिए इस दिन के इतिहास के बारे में....
5 सितंबर को भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधा कृष्णन् का जन्म हुआ था। उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस महान राष्ट्रपति ने कहा कि पूरी दुनिया एक विद्यालय है जहां से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है।
सर्वपल्ली राधा कृष्णन् का कहना था कि जीवन में कभी भी कुछ अच्छा और ज्ञानवर्धक सीखने को मिले तो उसे तुरंत ही आत्मसात करना चाहिए। वह अपने छात्रों को पढ़ाते समय उनको पढ़ाई कराने से ज्यादा उनके बौद्धिक विकास पर ध्यान देते थे।
एक बार राधा कृष्णन के कुछ शिष्यों ने मिलकर उनका जन्मदिन मनाने का सोचा। इसे लेकर जब वे उनसे अनुमति लेने पहुंचे तो राधाकृष्णन ने कहा कि मेरा जन्मदिन अलग से मनाने की बजाय अगर शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाएगा तो मुझे गर्व होगा। इसके बाद से ही 5 सितंबर का दिन शिक्क दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। आपको बता दें कि पहली बार शिक्षक दिवस 1962 में मनाया गया था।
इन देशों में इस दिन मनेगा शिक्षक दिवस
कई देशों में अलग-अलग दिन भी शिक्षक दिवस मनाया जाता है। शिक्षक दिवस के दिन कुछ देशों में छुट्टी का दिन रहता है तो कुछ देशों में कोई अवकाश नहीं रहता है।
-चीन में 10 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
-अमेरिका में मई के पहले पूर्ण सप्ताह के मंगलवार को शिक्षक दिवस सेलीब्रेट किया जाता है।
-थाइलैंड में हर साल 16 जनवरी को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जाता है.
क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस?
प्रथम उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती 5 सितंबर को होती है। उन्हीं की याद में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। एक बार उनके कुछ विद्यार्थी और दोस्तों ने उनसे कहा कि, वह उनके जन्मदिन को सेलिब्रेट करना चाहते हैं। तब उन्होंने कहा था, "मेरा जन्मदिन अलग से मनाने के बजाए अगर मेरा जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो मुझे गर्व महसूस होगा।" सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद और महान दार्शनिक थे। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को 27 बार नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किया गया था। 1954 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
कैसे मनाया जाता है शिक्षक दिवस?
शिक्षक दिवस पूरे देश में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन स्कूलों में स्टूडेंट्स शिक्षकों के लिए कई तरह के रंगा-रंग कार्यक्रमों को आयोजित करते हैं। कोई अपने शिक्षक को फूल देता है तो कोई पेन। स्टूडेंट्स अपने शिक्षक को तरह-तरह के गिफ्ट्स देते हैं। इस दिन शिक्षकों को मान-सम्मान देकर उनके काम की सराहना की जाती है। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षक दिवस के दिन शिक्षकों को उनके कार्य के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से नवाजा जाता है। यह पुरस्कार हर साल देश के राष्ट्रपति द्वारा दिया जाता है.
शिक्षक का हमारे जीवन में बहुत महत्व होता है। सफलता की पहली सीढ़ी गुरु ही होता है जिसके माध्यम से हम जीवन में आगे बढ़ते हैं। प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। बचपन से ही हमने देखा है कि इस दिन सभी छात्र-छात्राएं शिक्षकों के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है। अगर नहीं, तो आज जानिए इस दिन के इतिहास के बारे में....
5 सितंबर को भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधा कृष्णन् का जन्म हुआ था। उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस महान राष्ट्रपति ने कहा कि पूरी दुनिया एक विद्यालय है जहां से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है।
सर्वपल्ली राधा कृष्णन् का कहना था कि जीवन में कभी भी कुछ अच्छा और ज्ञानवर्धक सीखने को मिले तो उसे तुरंत ही आत्मसात करना चाहिए। वह अपने छात्रों को पढ़ाते समय उनको पढ़ाई कराने से ज्यादा उनके बौद्धिक विकास पर ध्यान देते थे।
एक बार राधा कृष्णन के कुछ शिष्यों ने मिलकर उनका जन्मदिन मनाने का सोचा। इसे लेकर जब वे उनसे अनुमति लेने पहुंचे तो राधाकृष्णन ने कहा कि मेरा जन्मदिन अलग से मनाने की बजाय अगर शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाएगा तो मुझे गर्व होगा। इसके बाद से ही 5 सितंबर का दिन शिक्क दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। आपको बता दें कि पहली बार शिक्षक दिवस 1962 में मनाया गया था।



